Quick Answer: दिवाली की लक्ष्मी पूजा 8 नवंबर 2026 (रविवार) को शाम 5:54 से 7:50 बजे के शुभ मुहूर्त में होगी। पूजा के लिए मुख्य रूप से लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, कलश, रोली, अक्षत, फूल, दीये, खील-बताशे, मिठाई और फल चाहिए। नीचे दी गई लिस्ट को धनतेरस (6 नवंबर) तक पूरा कर लें।
दिवाली के दिन बाजार में बहुत भीड़ होती है और कई बार पूजा के समय पता चलता है कि कोई जरूरी चीज छूट गई है। इसलिए यहां हमने Diwali puja samagri की पूरी लिस्ट श्रेणी के अनुसार दी है, ताकि आप एक-एक चीज टिक करके खरीदारी कर सकें।
- दिवाली 2026: Quick Highlights
- 6 श्रेणियों में पूरी पूजा सामग्री (टिक करने वाली checklist)
- सामग्री खरीदते समय ध्यान रखने वाली बातें
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Quick Highlights
सामग्री की 6 श्रेणियां: मूर्ति और चौकी, कलश, पूजा थाली, भोग, दीपक, बही-खाता। नीचे हर चीज पर टैप करके उसे टिक करें। आपकी लिस्ट इसी फोन या ब्राउज़र में सेव रहेगी।
1. मूर्ति और चौकी की सामग्री
2. कलश स्थापना की सामग्री
3. पूजा थाली की सामग्री
4. भोग और प्रसाद की सामग्री
5. दीपक और रोशनी की सामग्री
6. बही-खाता और व्यापार पूजा की सामग्री
अगर आप व्यापारी हैं या दुकान या ऑफिस में पूजा करते हैं, तो ये चीजें भी रखें:
सामग्री खरीदते समय ध्यान रखें
- लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति खरीदते समय ध्यान दें कि मूर्ति कहीं से टूटी या खंडित न हो।
- गणेश जी की मूर्ति में सूंड बाईं ओर मुड़ी हो, ऐसी मूर्ति घर के लिए शुभ मानी जाती है।
- मिट्टी की मूर्तियां और मिट्टी के दीये पर्यावरण के लिए बेहतर हैं।
- खील-बताशे और मिठाई दिवाली से एक दिन पहले ही खरीदें, ताकि ताजे रहें।
- प्लास्टिक के फूलों की जगह ताजे फूल इस्तेमाल करें।
निष्कर्ष
दिवाली की पूजा 8 नवंबर 2026 की शाम को है, इसलिए यह लिस्ट धनतेरस (6 नवंबर) तक पूरी कर लें। सबसे जरूरी चीजें हैं: लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, कलश, रोली-अक्षत, फूल, खील-बताशे, मिठाई और दीये। बाकी सामग्री अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार जोड़ें या घटाएं। पूजा की पूरी विधि और शुभ मुहूर्त के लिए हमारा Diwali 2026 लक्ष्मी पूजा मुहूर्त और विधि वाला लेख जरूर पढ़ें।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
दिवाली पूजा में सबसे जरूरी सामग्री क्या है?
लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, कलश, रोली, अक्षत, फूल, धूप-दीप, खील-बताशे, मिठाई और मिट्टी के दीये सबसे जरूरी हैं।
दिवाली पर खील-बताशे क्यों चढ़ाए जाते हैं?
खील धान से बनती है, जो इस मौसम की नई फसल है। माता लक्ष्मी को धन-धान्य की देवी माना जाता है, इसलिए नई फसल से बनी खील और बताशे का भोग लगाया जाता है।
क्या पुरानी लक्ष्मी-गणेश मूर्ति से पूजा कर सकते हैं?
परंपरा के अनुसार हर साल दिवाली पर नई मूर्ति लाई जाती है। धातु की मूर्ति को साफ करके दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। मिट्टी की पुरानी मूर्ति को सम्मान के साथ विसर्जित करें।
पूजा की सामग्री कब खरीदनी चाहिए?
धनतेरस (6 नवंबर 2026) को खरीदारी शुभ मानी जाती है। फूल, मिठाई और फल जैसी जल्दी खराब होने वाली चीजें दिवाली के एक दिन पहले या उसी दिन खरीदें।
लक्ष्मी जी को कौन सा फूल चढ़ाना चाहिए?
कमल का फूल माता लक्ष्मी को सबसे प्रिय माना जाता है। कमल न मिले तो लाल गुलाब या गेंदे के फूल चढ़ा सकते हैं।
